
गन्ने की खेती में पोटाश (पोटैशियम) की महत्वपूर्ण भूमिका
गन्ने की खेती में पोटाश (पोटैशियम) की महत्वपूर्ण भूमिका गन्ना भारतीय कृषि की एक प्रमुख फसल है, जो चीनी उत्पादन का मुख्य स्रोत होने के साथ-साथ किसानों की आय और औद्योगिक उपयोग के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। गन्ने की अधिक उपज और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पोषण प्रबंधन में पोटाश (पोटैशियम) की...
Read more
मक्का फसल में जिंक – स्टार्च निर्माण और सफ़ेद कलिका रोग नियंत्रण का प्रमुख तत्व
मक्का फसल में जिंक – स्टार्च निर्माण और सफ़ेद कलिका रोग नियंत्रण का प्रमुख तत्व मक्का (मकई) भारतीय कृषि में एक प्रमुख फसल है, और इसकी उच्च उत्पादकता के लिए पोषक तत्वों का सही प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। जिंक (Zn) एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है, जो मक्का फसल में स्टार्च के निर्माण और सफ़ेद...
Read more
सूक्ष्म जीवों का मृदा उत्पादकता और फसल उपज पर लाभ
सूक्ष्म जीवों का मृदा उत्पादकता और फसल उपज पर लाभ फसल उत्पादन बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका मिट्टी की उर्वरता और उसमें मौजूद सूक्ष्मजीव (माइक्रोब्स) फसल उत्पादन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते है। मिट्टी में अनेक प्रकार के सूक्ष्मजीव जैसे बैक्टीरिया, फंगी, एक्टिनोमाइसेट्स और वायरस मौजूद होते है, जो मृदा की गुणवत्ता को सुधारने और...
Read more
आलू के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन में जिंक और बोरॉन का महत्व
आलू के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन में जिंक और बोरॉन का महत्व चावल और गेहूं के बाद आलू मनुष्यों द्वारा उपभोग की जाने वाली दुनिया की तीसरी सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसल है। दुनिया भर में एक अरब से ज़्यादा लोग आलू खाते है, और वैश्विक कुल फसल उत्पादन 300 मिलियन मीट्रिक टन से भी ज़्यादा है। यदि...
Read more
आधुनिक कृषि की आवश्यकता – बायोस्टिमुलेंट्स
आधुनिक कृषि की आवश्यकता – बायोस्टिमुलेंट्स आज के आधुनिक कृषि युग में भोजन की उपलब्धता को सुनिश्चत करने और फसलों में बिना किसी नुकसान के उपज को बेहतर करने के लिये बायोस्टिमुलेंट्स बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है। बायोस्टिमुलेंट्स पौधों की प्राकृतिक प्रक्रियाओं जैसे वानस्पतिक विकास को बढ़ावा देने वाले पदार्थ होते है, जो...
Read more
नींबू वर्गीय फसलों में जिंक और बोरॉन का महत्त्व
नींबू वर्गीय फसलों में जिंक और बोरॉन का महत्त्व आज के समय में किन्नू और माल्टा की कम उत्पादकता और खराब फल गुणवत्ता, उत्पादकों के सामने प्रमुख चुनौतियों में से एक है। इन समस्याओं के समाधान के लिए जिंक और बोरॉन का उपयोग बहुत महत्वपूर्ण है। यह तत्व नींबू वर्गीय फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता...
Read more
मिट्टी की उर्वरता के लिये लाभदायक – हरी खाद
मिट्टी की उर्वरता के लिये लाभदायक – हरी खाद किसान भाइयों, मिट्टी की उत्पादकता को बढ़ाने, जैविक पदार्थों तथा पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए हरी खाद बहुत महत्वपूर्ण होती है। हरी खाद को सहायक फसल भी कह्ते है। प्राय: इस तरह की फसल को इसकी प्रारंभिक अवस्था – हरी फसल को ही जोतकर सड़ा...
Read more
मृदा परीक्षण की आवश्यकता एवं लाभ
मृदा परीक्षण की आवश्यकता एवं लाभ भारत एक कृषि प्रधान देश है, और कृषि के लिए मिट्टी की आवश्यकता होती है। मिट्टी के बिना खेती का होना लगभग असंभव है। हमारी इस मिट्टी की स्थिति निरंतर गिरती जा रही है और विभिन्न प्रकार की समस्याएं बढ़ती जा रही है, ज़्यादातर क्षेत्रों में किसान भाई भी...
Read more